भारतीय भाषाओं द्वारा ज्ञान

Knowledge through Indian Languages

Dictionary

Hindi Paribhashik Laghu Kosh (CHD)

Central Hindi Directorate (CHD)

अंगजा [अंग+ज्+आ]

(वि./स्त्री.) (तत्.)

देह से उत्पन्न संतान (बेटी)। तु. (विलो.) अंगज।

अंगद

(पुं.) (तत्.)

1. बाजू (बाँह) पर बाँधने का एक आभूषण पर्या. बाजूबंद 2. रामायण कथा के अंतर्गत वानरराज बालि के पुत्र एवं राम के सेनापतियों में प्रमुख।

अंगदान

(पुं.) (तत्.)

किसी व्यक्‍ति के द्वारा अपनी जीवितावस्था में ही शरीर के किसी अंग विशेष जैसे : आँखें, गुर्दा आदि का मृत्‍यु के पश्‍चात् दान करने की घोषणा जो किसी जरूरतमंद व्यक्‍ति के शरीर में प्रत्यारोपित की जा सके।

अंगद्वार

(पुं.) (तत्.)

शा.अर्थ अंग (शरीर) का/के द्वार। जीव. शरीर के छिद्र जो नौ माने जाते हैं-दो कान, दो आँखें, नाक के दो छिद्र, मुख, गुदा और लिंग।

अंग प्रत्यंग [अंग+प्रति+अंग]

(पुं.) (तत्.)

शरीर का प्रत्येक अंग; पूरा शरीर ही।

अंगभंग [अंग+अंग]

(पु.) (तत्.)

शा.अर्थ शरीर के किसी अंग पर चोट; दुर्घटनावश किसी अंग विशेष का टुट जाना।

अंगरक्षक

(पुं.) (तत्.)

शा.अर्थ अंग की रक्षा करने वाला/वाले (व्यक्‍ति); किसी गणमान्य व्यक्‍ति की सुरक्षा के लिए नियुक्‍त सशस्त्र कर्मचारी।

अंगरखा

(पुं.) [तद्.> अंगरक्षक (वस्त्र)]

एक लंबा मर्दाना पहनावा।

अंगराग

(पुं.) (तत्.)

शरीर पर मलने योग्य/लगाने सुगन्धित लेप, सौंदर्य प्रसाधन, उबटन।

अंगवस्त्र

(पुं.) (तत्.)

पंडितों के एक कंधे पर डाला जाने वाला आगे-पीछे लटकता और दो परतों में लिपटा बिना सिला वस्त्र। तु. दुपट्टा।

अंगार

(पुं.) (तत्.)

दहकता हुआ कोयला, अंगारा। (क्रोध में अंगारे की तरह) लाल।

अंगी

(वि.) (तत्.)

अंगवाला, प्रधान, मुख्य पुं. प्रधान पात्र, नायक।

अंगीकार करना

(क्रि.) (तत्.)

अपने अंग की तरह मान लेना; स्वीकार करना, अपना लेना, ग्रहण करना।

अंगीकृत

(वि.) (तत्.)

स्वीकृत, गृहीत, मान्य, अंगीकार किया हुआ।

अंगुल

(पुं.) (तत्.)

1 दे. उँगली 2 अंगुली की चौड़ाई के बराबर नाप (सामान्यत: 3/4 इंच के बराबर) उदा. दो अंगुल चौड़ी पट्टी।

अंगुलि/अंगुली

(स्त्री.) (तत्.)

दे. उंगली।

अंगुष्‍ठ

(पुं.) (तत्.)

हथेली की छोटी पर अपेक्षाकृत मोटे आकार वाली पहली अँगुली जो शेष चार अंगुलियों से हटकर कुछ निचले भाग पर होती है। दे. (अँगूठा)

अंगूर

(पुं.) (फा.)

लता के गुच्छे के रूप में लगने वाला बड़े मोती से दानों जैसा हरे या गहरे जामुनी रंग का खाने योग्य वह रसयुक्‍त फल जो पकने पर मीठा होता है। पर्या. द्राक्षा, दाख।

अंगूर शर्करा

(स्त्री) (तत्.)

दे. ग्लूकोस। glucose

अंचल

(पुं.) (तत्.)

1. आँचल, साड़ी या ओढ़नी का वह छोर जो सीधे पल्ले की साड़ी पहनने वाली महिलाओं के सीने और पेट पर तथा उल्टे पल्ले वाली साड़ी पहनने वालियों की पीठ पर लटका रहता है। पर्या. आँचल। 2. किसी भौगोलिक क्षेत्र का भाग-विशेष। जैसे : पूर्वांचल, उत्‍तरांचल, वनांचल।

Search Dictionaries

Loading Results

Follow Us :   
  Download Bharatavani App
  Bharatavani Windows App